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अंतरिम बजट में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के कोई प्रावधान नहीं – सचिन पायलट

जयपुर। राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री सचिन पायलट ने केन्द्र की एनडीए सरकार द्वारा  लाये गये अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सम्पूर्ण बजट भाषण भाजपा के राजनीतिक हित साधने के लिए प्रेरित है जिसमें देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के कोई प्रावधान नहीं है।

श्री पायलट ने कहा कि प्रस्तुत अंतरिम बजट को पूर्ण बजट के रूप में लाया गया है, परन्तु गत् समय के लेखा-जोखा पर कोई प्रकाश नहीं डाला गया है जो इस बात का सूचक है कि सरकार ने फिर एक बार जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बजट वित्तीय कुप्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण है क्योंकि वित्तीय घाटा बढकर 3.3 प्रतिशत से 3.4 प्रतिशत हो गया है और इसी प्रकार गत् वर्ष की तुलना में करंट अकाउन्ट डेफिसेट 1.9 से बढकर 2.5 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने कुछ लोक लुभावनी योजनायें भी दी हैं परन्तु उनके लिए वित्तीय प्रबंधन कहां से होगा इसका कोई रोडमेप नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की कर्ज माफी से परहेज रखकर धरती पुत्रों के साथ विश्वासघात किया है और जो 6 हजार रूपये लघु और सीमांत किसानों को देने की बात कही गई है उसमें बड़ा तबका वंचित रह जायेगा जो भूमिहीन है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए घोषणा करने वाली सरकार भूल गई है कि गांव व शहरों के गरीब तबके को भी आर्थिक सम्बल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने ही झूठ के रिकॉर्ड को कायम रखते हुए ओडीएफ, एलपीजी, मुद्रा लोन आदि के आधारहीन आंकड़े प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने कहा कि डॉयरेक्ट टैक्स से जुड़ी घोषणायें जनता को भ्रमित करने वाली है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सेक्टर में यह नहीं बताया गया है कि पिछले 5 पूर्ण बजटों में की गई घोषणाओं की स्थिति क्या है, नमामि गंगे, स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत, मुद्रा योजना, मेक इन इंडिया पूरी तरह विफल रहा हैं। उन्होंने कहा कि दो हैक्टयर तक भूमि वाले किसानों को 500 रूपये महीने की सहायता देने की घोषणा ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है, किसानों ने 5 साल तक आत्महत्या की जिसमें 42 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है उनको इस राशि से क्या राहत मिलेगी यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि पीएम श्रमयोगी मान धन योजना में 100 रूपये महीना देकर 60 साल की उम्र में पेंशन की घोषणा केवल बीमा कम्पनी का प्रचार मात्र है। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स की सीमा बढ़ाने को खुद वित्त मंत्री ने ही अगली सरकार पर छोड़ दिया है जो स्पष्ट करता है कि यह बेमन से लाया गया प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने 2013 में यूपीए सरकार से इनकम टैक्स सीमा 5 लाख करने की मांग की थी जिसे भाजपा सरकार ने 5 सालों में भी पूरा नहीं किया है।
श्री पायलट ने कहा कि नोटबंदी को उपलब्धि बताते हुए वित्त मंत्री को ध्यान नहीं रहा कि इससे बेरोजगारी दर 45 साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुॅंच गई है, एमएसएमई बन्द हो गये हैं, किसान बर्बाद हो गये हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद को पारदर्शी बनाने का दावा करने वाले वित्त मंत्री शायद राफेल घोटाले को भूल गये हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी जो लागत का डेढ़ गुना करने की बात करने वाले वित्त मंत्री को यह ध्यान नहीं रहा कि यूपीए सरकार ने जो सालाना बढ़ोत्तरी की उसकी तुलना में भाजपा सरकार की बढ़ोत्तरी आधी है और उस पर भी सरकारी खरीद नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी को निरन्तर घटाकर यश लेने का जो प्रयास भाजपा सरकार कर रही है वह इस बात का सूचक है कि भाजपा सरकार ने जीएसटी को बिना सोच समझे लागू कर अर्थव्यवस्था पर कुठाराघात किया था।

श्री पायलट ने कहा कि भारत को सबसे तेज गति से बढने वाली अर्थव्यवसथा बनाने का दावा करने वाली भाजपा सरकार के शासन में ही भुखमरी भी तेजी से बढ़ी है, हम 55वें से 100वें स्थान पर 5 साल में पहुॅंच गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत को समृद्धि की ओर ले जाने का दावा करने वाली केन्द्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय आय का 73 प्रतिशत धन 1 प्रतिशत अमीरों की जेब में गया है जबकि 90 प्रतिशत गरीबों को राष्ट्रीय आय का 1 प्रतिशत हिस्सा मिला है।

श्री पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार को गौवंश की खुशहाली का ख्याल अपने अंतिम व अंतरिम बजट में आया है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट भी भाजपा सरकार की वादाखिलाफी व जुमलेबाजी का प्रतिबिम्ब है।

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